Home » राजस्थान » देशनोक पालिका चुनाव: बज गया बिगुल, शुरू हुआ शतरंज़ का खेल! क्या बचा पाएंगे दिग्गज अपनी साख?

देशनोक पालिका चुनाव: बज गया बिगुल, शुरू हुआ शतरंज़ का खेल! क्या बचा पाएंगे दिग्गज अपनी साख?

देशनोक पालिका चुनाव
अबतक इंडिया न्यूज 19 अगस्त देशनोक । स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों की ऐलान के साथ ही अब चुनाव घमासान पूरी तरह परवान चढ़ने के लिए आतुर हैं।वार्डो की आरक्षण लॉटरी के साथ ही सोशल मीडिया पर दावेदारों की बाढ़ सी आ गई हैं।कुछ तो ऐसे जिन्हें गली के लोग भी नहीं जानते हैं।ज्यादातर दावेदार अपने बैनरों में पार्टी का सिंबल लगाने से परहेज कर रहे हैं।वार्ड आरक्षण की लॉटरी से मायूस दावेदार अब अपनी पसंद का मोहरा ढूंढ रहे हैं।
   भाजपा-कांग्रेस दोनों ही पार्टियां बोर्ड गठन को लेकर अपनी रणनीतियां बनाने में मशगूल हो गई हैं।भाजपा के सामने वापसी की बड़ी चुनौती है , कांग्रेस के सामने “रिपीट ” की अग्निपरीक्षा हैं। दोनों ही पार्टियों के लिए भीतरघात बड़ी चुनौती हैं।इससे भी बड़ी चुनौती टिकट वितरण की होगी।क्योंकि जो वार्ड पार्टी पक्ष का होगा वहां दावेदारों को साधना व बागियों को रोकना एक महाभारत एपिसोड के बराबर होगा । दूसरी ओर कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जहां प्रत्यासी ढूंढना मरुधरा के धोरों में जल ढूंढने के बराबर होगा ।दोनों ही पार्टियां  हरबार पालिका चुनाव में सभी वार्डो में प्रत्यासी उतारने में नाकाम रही हैं।
   भाजपा के सामने संभावित भीतरघात बड़ी चुनौती 
  पिछली बार के निवृतमान पार्षदों में अधिकांश पार्षद अब भी कांग्रेस के शुभचिंतक बने हुए हैं।कांग्रेस बोर्ड में भाजपा पार्षद विपक्ष में होते हुए भी कांग्रेस राज की सत्ता की मलाई का खुलकर लुफ्त उठाया था।जिसकी लालसा अभीतक झलक रही हैं।ऐसे में पार्टी के लिए भरोसेमंद प्रत्यासी चयन बड़ी चुनौती रहने वाली है। स्थानीय भाजपा संगठन में भी कई कांग्रेस समर्थक पदाधिकारी हैं, जिसकी एक झलक हाल ही वायरल एक फोटो ने मुहर लगाई हैं।
कांग्रेस की डगर भी कांटो भरी
   कांग्रेस अपने बोर्ड काल के विकास कार्यो के घोड़े पर सवार होकर चुनावी ताल ठोकने की रणनीति तो बना रही है ,लेकिन स्तरहीन व भ्रष्टाचार में डूबा आधे-अधूरे विकास की उपलब्धि जनता को समझाने में कितनी कामयाब होती है,यह तो समय ही बतायेगा।क्योंकि कीचड़ से होकर गुजरी अंतिम शव यात्रा वाले दृश्य आज भी लोगों के दिल में खंजर बनकर चुभ रहे हैं।साथ ही जाती विशेष का सीमित विकास भी कांग्रेस के सामने जनता के बड़े सवाल होंगे।भावी चेयरमैन प्रत्यासी पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप,कानूनी मुकदमें व जिद्दी राजनीति की मानसिकता की छवि पार्टी के लिए घातक साबित हो सकती हैं।अति आत्मविश्वास अक्सर घातक साबित होता हैं।
देशनोक- कोलायत की एकमात्र नगरपालिका
  कोलायत विधानसभा क्षेत्र में देशनोक नगरपालिका एक मात्र नगरपालिका हैं।ऐसे में क्षेत्रीय भाजपा विधायक के लिए जीत के अलावा कोई विकल्प नहीं हैं।राज्य सरकार द्वारा कोलायत को एतिहासिक 2650 करोड़ बजट आवंटन किसी विश्व रिकॉर्ड से कम नहीं हैं।इसबार की भाजपा सरकार ने देशनोक को भी करोड़ो रूपये के विकास कार्यो की विशेष सौगात दी हैं।24*7 पेयजल योजना की स्वीकृति ,जो देशनोक के लिए एतिहासिक उपलब्धि हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *