अबतक इंडिया न्यूज 19 अगस्त । राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह चुनाव की तारीखों और कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित चुनाव क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है । नई सरकारी योजनाओ की घोषणाएं अब नहीं होगी । पूर्व से जारी कार्य जारी रहेंगे ।
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ के तहत 2 चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण की वोटिंग 9 सितंबर और दूसरे चरण की वोटिंग 11 सितंबर को होगी. जबकि मतगणना 14 सितंबर को होगी. राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है. मीडिया को संबोधित करते हुए शहरी निकाय चुनाव के कार्यक्रम की जानकारी दी. 27 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी.
309 नगरीय निकायों में होंगे चुनाव
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी है. राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दे रहे हैं. इस दौरान राज्य निर्वाचन सचिव राजेश वर्मा भी मौजूद हैं. आयोग के मुताबिक प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में चुनाव कराए जाएंगे. ये चुनाव ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के तहत होंगे. इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाएं शामिल हैं.
राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया कार्यक्रम
चुनाव में कुल 1 करोड़ 44 लाख 3 हजार 853 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदाताओं की संख्या के लिहाज से नगर निगम जयपुर सबसे आगे है, जहां करीब 24.20 लाख मतदाता हैं। वहीं सबसे कम मतदाता इंद्रगढ़ में हैं, जहां 4,744 मतदाता मतदान करेंगे।
वन स्टेट, वन इलेक्शन के तहत नगर निकाय चुनाव
राजस्थान में ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के तहत नगर निकाय चुनाव कराए जा रहे हैं. राज्य निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया गया है. नगर निकाय चुनाव के लिए 14 सितंबर को मतगणना होगी.
कुल 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाओं में चुनाव होंगे. इन चुनावों में 1 करोड़ 44 लाख 33 हजार 855 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.
दो चरणों में होंगे नगर निकाय चुनाव
नगर निकाय चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे. पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण में 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे. मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा.पहला चरण: 9 सितंबर 2026 ,दूसरा चरण: 11 सितंबर 2026 .
आचार संहिता लागू
पहले से घोषित योजनाओं और स्वीकृत विकास कार्यों पर आचार संहिता का असर नहीं पड़ेगा। इन योजनाओं के तहत काम जारी रह सकेंगे। हालांकि, चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक नई विकास योजनाओं और घोषणाओं पर रोक रहेगी। साथ ही इस दौरान तबादलों पर भी रोक रहेगी। अधिकारियों और प्रशासनिक अमले को चुनाव आचार संहिता का पालन करना होगा।











