अबतक इंडिया न्यूज 10 जुलाई जयपुर। राजस्थान में पट्टा जारी करने और नियमन की प्रक्रिया पर उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के बाद राज्य सरकार ने भी इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। राजस्थान सरकार के नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग द्वारा आधिकारिक आदेश जारी कर आगामी कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है।

आदेश के मुख्य बिंदु:
- न्यायालय का आदेश: माननीय उच्च न्यायालय जयपुर में दायर डी.बी. सिविल रिट (PIL) याचिका संख्या 11268/2026 (PUBLIC AGAINST CORRUPTION बनाम राजस्थान राज्य व अन्य) में 06 जुलाई 2026 को पारित आदेश की अनुपालना में यह कदम उठाया गया है.
- शहरी सेवा शिविरों पर असर: इस आदेश के तहत राजस्थान के समस्त नगरीय निकाय, विकास प्राधिकरण, नगर विकास न्यास और आवासन मण्डल को निर्देशित किया गया है कि वे विभागीय परिपत्र (दिनांक 10.06.2026) के बिंदु संख्या 3, 5, 6, 14, 16 और 20 के संबंध में ‘शहरी सेवा शिविर 2026’ के दौरान आगामी आदेश तक कोई कार्यवाही न करें.

- प्रक्रिया स्थगित: अब अगले आदेश तक पट्टा जारी करने और नियमन से संबंधित सभी प्रकार की कार्यवाही पूरी तरह स्थगित रहेगी।
- आगे की राह: विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही इस संबंध में आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह आदेश स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन और नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता के हस्ताक्षरों से जारी किया गया है.












