अबतक इंडिया न्यूज देशनोक 10 जुलाई । धार्मिक नगरी देशनोक स्थित करणी माता के पावन धाम से कल शनिवार (11 जुलाई 2026) को एक बड़े आंदोलन का बिगुल बजने जा रहा है। श्री राजपूत करणी सेना और राष्ट्रीय हिंदू महासभा के संयुक्त तत्वावधान में ‘UGC रोलबैक महा-आंदोलन’ और ‘सवर्ण न्याय यात्रा’ का आगाज किया जा रहा है। इस विशाल पदयात्रा का नेतृत्व श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना एवं राष्ट्रीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कौशिक (अशोक जी) करेंगे।
करणी माता के पूजन के साथ शुरू होगी पदयात्रा
शनिवार सुबह, दोनों संगठनों के शीर्ष नेताओं और देश भर से जुटे समर्थकों की मौजूदगी में करणी माता मंदिर में विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। माता का आशीर्वाद लेने के बाद, सुबह ठीक 11 बजे यह न्याय यात्रा जयपुर के लिए प्रस्थान करेगी। यात्रा का पहला पड़ाव बीकानेर रहेगा, जहां शनिवार की रात को सभी आंदोलनकारी रात्रि विश्राम करेंगे।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
आयोजकों के अनुसार, इस महा-आंदोलन के जरिए सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें पुरजोर तरीके से रखी जा रही हैं:
- UGC बिल रोलबैक: यूजीसी बिल को बिना किसी शर्त के तत्काल वापस लिया जाए।
- EWS का सरलीकरण: केंद्र स्तर पर ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण के नियमों का सरलीकरण किया जाए।
- पंचायती राज व स्थानीय निकायों में आरक्षण: EWS आरक्षण के आधार पर पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में सीटों पर 10% आरक्षण की व्यवस्था हो।
- गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा: गाय को ‘राष्ट्रीय माता’ (राष्ट्र माता) घोषित किया जाए।
- पर्यावरण संरक्षण: ओरण, गोचर भूमि और पवित्र खेजड़ी वृक्षों को विशेष संरक्षण प्रदान किया जाए।

हजारों समर्थकों के जुटने की उम्मीद, ‘सर्व सवर्ण समाज’ का समर्थन
इस यात्रा को लेकर ‘सर्व सवर्ण समाज – भारत’ के कार्यकर्ताओं और आम जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है। “उठो जागो और साथ चलो, अपने आने वाले भविष्य के लिए” और “तिलक तराजू और तलवार नहीं सहेगा अत्याचार” जैसे नारों के साथ इस आंदोलन को धार दी जा रही है।राजस्थान ,हरियाणा ,उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से दोनों संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता सहित समर्थक शामिल होंगे ।
महिपाल सिंह मकराना और विजय कौशिक ने संयुक्त बयान में कहा है कि यह यात्रा सवर्ण समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और हमारी सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण रखने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। देशनोक से शुरू होकर जयपुर तक जाने वाली इस यात्रा में हजारों की संख्या में लोगों के शामिल होने की पूरी संभावना है, जिसके चलते प्रशासन भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अलर्ट मोड पर है।












