अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर, 15 मई। सुखद दाम्पत्य जीवन योजनान्तर्गत दिव्यांग युवक व युवतियों को विवाहोपरान्त सुखद दाम्पत्य जीवन व्यतीत करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल.डी. पंवार ने बताया कि 40 प्रतिशत या 40 प्रतिशत से अधिक श्रेणी के दिव्यागों को एक मुश्त 50 हजार रुपये एवं 80 प्रतिशत या 80 प्रतिशत से अधिक श्रेणी के दिव्यांगजनों को एक मुश्त 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
उन्होंने बताया कि आवेदक भारत सरकार द्वारा लागू दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजन होना चाहिए। जिसकी निःशक्तता का प्रतिशत 40 या अधिक होना चाहिये। आवेदक राजस्थान का मूल निवासी हो। दिव्यांगजन वर की आयु 21 वर्ष एवं वधू की आयु 18 वर्ष या अधिक हो एवं आवेदक के परिवार की समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार रुपये से अधिक न हो।
उन्होंने बताया कि आवेदन के लिए निःशक्तता प्रमाण-पत्र, वर-वधू के माता-पिता का शपथ पत्र, जन्म तिथि प्रमाण-पत्र, आय का शपथ पत्र, विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र, पूर्व में अनुदान राशि प्राप्त नहीं करने का प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। उन्होंने बताया कि पात्र दिव्यांगजन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए ई-मित्र कियोस्क या स्वयं के माध्यम से एसएसओ आईडी द्वारा SJMS DSAP पॉर्टल से ऑनलाईन आवेदन विवाह के 6 माह के भीतर कर सकते हैं।










