अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर, 23 मार्च। जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को पंचायत समिति परिसर सभागार में बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 विषय पर द्विपक्षीय संवाद एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आमजन, महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक डॉ. अनुराधा सक्सेना ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल विवाह एक संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध है। इसके अंतर्गत दोषी को दो वर्ष तक का कारावास एवं एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से इस कुप्रथा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी को बाल विवाह न करने एवं इसके विरोध में जन-जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश स्वामी ने आयुष्मान कार्ड, आशा सहयोगिनी के कार्यों, बालिका शिक्षा तथा लाडो प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन प्रचेता विजयलक्ष्मी जोशी ने किया तथा विभागीय योजनाओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान पर्यवेक्षक रश्मि कल्ला, शिवरतन विश्नोई, जेंडर स्पेशलिस्ट कार्तिक बोहरा, गर्विता सहित अन्य कार्मिकों, साथिनों एवं ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं व बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी रही।









