अबतकइंडिया न्यूज 9 फरवरी ।प्रदेश की 14,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से मतदान होगा, जिसकी संभावित तिथियां मार्च-अप्रैल 2026 के बीच रहेंगी. मतदाता सूची 1 जनवरी 2026 की योग्यता तिथि के आधार पर अपडेट की जा रही है.
राजस्थान में ग्राम पंचायतों की ‘छोटी सरकार’ चुनने का समय फिर से आ गया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव 2026-27 के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. आयोग को उच्च न्यायालय के आदेशानुसार 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव की पूरी प्रक्रिया (नोटिफिकेशन से लेकर परिणाम तक) पूरी करनी है.
इस बार का चुनाव पिछले एक दशक में सबसे अलग होगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. पंच और सरपंच पद के लिए मतदान अब पारंपरिक तरीके से बैलेट पेपर और मतपेटी के जरिए होगा. मतदाताओं को बटन दबाने के बजाय मुहर लगानी होगी. वहीं, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव पहले की तरह EVM से होंगे. यह हाइब्रिड मॉडल चुनाव को पारदर्शी और पारंपरिक बनाने का प्रयास है.
उम्मीदवारों के लिए जरूरी योग्यता और शर्तें सरपंच या पंच का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है: न्यूनतम आयु 21 वर्ष.नाम मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए. घर में कार्यात्मक शौचालय होना और परिवार का खुले में शौच न करना अनिवार्य. दो संतान नीति अभी लागू है. 27 नवंबर 1995 के बाद तीसरी संतान होने पर चुनाव लड़ने की पाबंदी बरकरार है. इस नियम को हटाने का मामला कैबिनेट में विचाराधीन है, लेकिन अभी कोई नया बिल पास नहीं हुआ. शैक्षिक योग्यता की अनिवार्यता पिछली सरकार ने हटा दी थी, इसलिए फिलहाल कोई न्यूनतम शिक्षा प्रमाण-पत्र जरूरी नहीं है.
आरक्षण और वार्डों की व्यवस्था महिलाओं के लिए कुल सीटों में 50% आरक्षण रहेगा. SC, ST और OBC वर्गों के लिए रोटेशन प्रणाली के आधार पर लॉटरी से आरक्षण तय होगा. वार्डों का परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया चल रही है.
मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष पूरे करने वाले युवा पहली बार वोट डाल सकेंगे. वोटर आईडी के अलावा 12 वैकल्पिक पहचान पत्र (आधार, पैन, मनरेगा जॉब कार्ड आदि) मान्य होंगे. मतदाता सूची विधानसभा चुनाव की लिस्ट के आधार पर अपडेट की जा रही है. जनगणना-2027 का इस चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा.









