अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर 27 जनवरी । जिला परिषद एवं पंचायत समितियों के वार्डों के हाल ही में हुए परिसीमन/पुनर्गठन में बेईमानीपूर्वक एवं संदेहास्पद तरीके से किये गये परिसीमन परिवर्तनों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी देहात जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग के नेतृत्व में जिलेभर से बड़ी संख्या में आए पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बिश्नोई धर्मशाल से जिला कलेक्ट्रेट तक नारे लगाते हुए पैदल मार्च किया। कलेक्ट्रेट परिसर में भी जमकर नारेबाजी हुई, तत्पश्चात एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम तथा दूसरा ज्ञापन जिला कलेक्टर को बिन्दूवार कमियां गिनाते हुए सौंपा गया। जिस पर जिला कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि पंचायतों के पुनर्गठन में आपके द्वारा गिनाई गई कमियों को लेकर सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मिटिंग करूंगी।

जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने ज्ञापन में कहा कि जिला परिषद व पंचायत समिति वार्डों के परिसीमन के दौरान पंचायतीराज अधिनियम 1994 में निर्धारित पुनर्गठन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया तथा वार्डवासियों से भी कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया। जो आपत्तियां एवं सुझाव नियमानुसार दर्ज कराए गए थे, उन्हें पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया। जनसंख्या के अनुपात का भी सही ढंग से ध्यान नहीं रखा गया, जिसके चलते काफी वार्डों में मतदाताओं की बहुत कम संख्या रखी गई हैं, जबकि काफी वार्डों में अत्यधिक संख्या रखी गई है। इसके अतिरिक्त, कई ग्राम पंचायतों को अत्यधिक किलोमीटर की दूरी पर जोड़कर उनके भौगोलिक स्वरूप को खंडित कर दिया गया है, जिससे आमजन को प्रशासनिक एवं विकास संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पडे़गा। यह पूरी प्रक्रिया जनता के संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा आघात किया गया हैं, जिसका आगामी पंचायतीराज चुनाव में जनता भाजपा को सबक सिखायेगी।

ज्ञापन में प्रशासन एवं सरकार से मांग की गई है कि वार्डों के परिसीमन/पुनर्गठन की संपूर्ण प्रक्रिया की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। पंचायतीराज अधिनियम 1994 के प्रावधानों के अनुसार पुनः पारदर्शी ढंग से परिसीमन निर्धारित किया जाए। वार्डवासियों से प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों का विधिवत निस्तारण किया जाए तथा विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर स्थानीय निवासियों की राय के आधार पर पुनर्गठन किया जाए। दूर-दराज के वार्डों में जोड़कर खंडित की गई ग्राम पंचायतों को पुनः उनके मूल स्थानों से यथास्थिति में जोड़ा जाए। इस प्रक्रिया में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
जिलेभर से आए सैंकडों पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को विवश होंगे। जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।

जिला महासचिव (संगठन) प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि इस प्रदर्शन में मदनगोपाल मेघवाल, जिला प्रमुुख मोडाराम मेघवाल, डॉ. राजेन्द्र मूण्ड, शिवलाल गोदारा, भंवर कूकणा, शान्ति बेनिवाल, शशिकला राठौड़, श्यामसिंह भाटी, हेमन्तसिंह यादव, श्रीकृष्ण गोदारा, हरीराम बाना, जितेन्द्र कस्वां, डॉ. प्रीति मेघवाल, रामनिवास तर्ड, आनन्दसिंह सोढ़ा, हेतराम जाखड़, मुखराम धतरवाल, महेन्द्र कूकणा, रामेश्वरलाल जाखड़, ओमप्रकाश सेन, रामगोपाल सियाग, श्रवणकुमार रामावत, पुरखाराम गेधर, धर्मचन्द चौधरी, नासिर शहजाद तंवर, सुन्दर बैरड़ आदि ने भी सम्बोधित किया।








