अबतक इंडिया न्यूज 5 जनवरी जयपुर: ईडी मामलों की विशेष अदालत ने जल जीवन मिशन से जुड़े मामले में टेंडर प्रक्रिया से लेकर बजट आवंटन और अंतिम रूप से विशिष्ट अधिकारी व मंत्री तक पत्रावली भेजने की प्रक्रिया की जानकारी मांगी है. अदालत ने विभाग के संबंधित अधिकारी को जानकारी देने के लिए रिकॉर्ड सहित पेश होने को कहा है.
पीठासीन अधिकारी खगेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा है कि परिवाद और पूरक परिवाद पर आगामी कार्रवाई करने से पूर्व जल जीवन मिशन योजना से संबंधित स्कीम की अवधारणा, प्रदेश को आवंटित बजट और इसमें से जिलेवार आवंटित होने वाले बजट की जानकारी लेना जरूरी है. इसके साथ ही संबंधित जिलों के अधिकारियों का नियंत्रण, टेंडर प्रक्रिया, टेंडर को अंतिम रूप देने वाले अधिकारी और उसकी प्रक्रिया, तकनीकी और वित्तीय बिड स्वीकार करने वाले बोर्ड के सदस्यों की संख्या और अधिकारिता सहित अंतिम रूप से पत्रावली विशिष्ट अधिकारी व मंत्री को भेजने से जुड़ी प्रक्रिया का खुलासा होने की जरूरत है.
जल जीवन मिशन में करोड़ों रुपए के घोटाले को लेकर एसीबी ने साल 2023 में मामला दर्ज किया था. एसीबी जांच में सामने आया कि प्रोजेक्ट को लेकर साल 2021-22 में दो टेंडर निकले थे. इसमें आरोपियों ने मिलीभगत कर टेंडर हासिल किए थे. वहीं, काम में अनियमितता और घटिया काम कर मेजरमेंट बुक में गलत जानकारी भरकर राजकोष से करोड़ों रुपए निकाले गए. आरोपियों ने राजकोष से अनियमितता से रकम निकालकर विभागीय अधिकारियों को रिश्वत देकर अनुचित रूप से निजी फायदा कमाया. एसीबी ने मामले में पूर्व में 6 अन्य के खिलाफ जांच कर आरोप पत्र पेश किया था. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत के आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया.








