अबतक इंडिया न्यूज 1 जनवरी बीकानेर। नए साल 2026 का स्वागत बीकानेर में धूमधाम से हुआ. रेगिस्तान के इस शहर में रातभर आतिशबाजी की रौनक रही और आसमान रोशनी से जगमगा उठा. लोग सड़कों, छतों और सार्वजनिक स्थलों पर इकट्ठा होकर नववर्ष का उत्साह मनाते नजर आए. युवाओं में खासा जोश दिखा, वे देर रात तक नाचते-गाते रहे.

होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन स्थलों पर खासी भीड़ रही. जूनागढ़ किले के आसपास और मुख्य बाजारों में पार्टी का माहौल था. परिवार और दोस्तों के साथ लोग नए साल की खुशियों में डूबे नजर आए. कई जगहों पर डीजे और लाइव म्यूजिक की व्यवस्था थी. आतिशबाजी के धमाकों और रंग-बिरंगे पटाखों ने शहर को और खूबसूरत बना दिया.
माउंट आबू में न्यू ईयर के मौके पर पर्यटन नगरी माउंट आबू में जश्न का माहौल देखने को मिला. नए साल के स्वागत में सैलानियों ने डीजे की धुनों पर जमकर डांस किया और देर रात तक उत्साह बना रहा. ठंडी लेकिन सुहावनी मौसम ने भी पर्यटकों का पूरा साथ दिया, जिससे जश्न और भी यादगार बन गया.शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों, होटलों और रिजॉर्ट्स में विशेष आयोजन किए गए, जहां देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों ने नए साल का आनंद लिया. शांत वातावरण, खूबसूरत वादियां और अनुकूल मौसम के चलते माउंट आबू एक बार फिर न्यू ईयर सेलिब्रेशन की पहली पसंद बनकर उभरा.
बीकानेर की ठंडी रात में यह गर्मजोशी वाला जश्न देखते ही बनता था. सुबह तक उत्साह कम नहीं हुआ. नए साल की शुरुआत में पूरा शहर खुशी और उल्लास से सराबोर रहा. पर्यटक भी इस रौनक का हिस्सा बने और बीकानेर की मेहमाननवाजी की तारीफ करते नहीं थके. कुल मिलाकर, रेगिस्तान की नगरी ने नए साल को यादगार अंदाज में स्वागत किया.
जैसलमेर में नव वर्ष की धूम मची तथा सैलानियों की बम्पर आवक ने जैसलमेर की होटलों व रिसॉर्ट्स में आनंद लिया. हजारों की तादाद में नया साल मनाने जैसलमेर आए सैलानियों के साथ स्थानीय बाशिंदों ने इस घड़ी का पूरा लुत्फ उठाया और उनमें जोश ठाठे मारने लगा.पूरा आसमान आतिशी नजारों से नहा गया. होटलों और रिसोर्ट्स में लगाए गए डांस फ्लोर्स पर नृत्यांगनाओं के साथ सैलानियों ने भी जमकर ठुमके लगाए. रात 12 बजे के मौके पर छोटी-बड़ी होटलों से लेकर सम-खुहड़ी के रिसोर्ट्स में एक से बढक़र एक डिजाइन वाले केक काटे गए और आतिशबाजी की गई. आकाश में रह-रहकर रोशनियां उठ-गिर रही थी और पूरा आलम जगमगाता दिखाई दिया.स्वर्णनगरी के सितारा होटलों तथा अन्य जगहों पर रात 8 बजे से ही नाच-गानों की महफिलें सज गई. लोक कलाकारों ने चकरी, घूमर, कालबेलिया और भवई नृत्यों से अपनी कला का लोहा मनवाया. बाहर से आए सैलानी भी उनके साथ खूब थिरके.








