अबतक इंडिया न्यूज 23 दिसंबर कुचामनसिटी: डीडवाना कुचामन जिले की ग्राम पंचायत प्रेमपुरा में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक जीवित व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया. यही नहीं, जीवित व्यक्ति के मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर उसकी पुश्तैनी जमीन हड़प ली गई.
इस मामले में पीड़ित बुजुर्ग हनुमान राम जाट ने जिला कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पीड़ित हनुमान राम के अनुसार, भू-माफिया ने ग्राम विकास अधिकारी और संबंधित कर्मचारियों के साथ सांठगांठ कर 6 अगस्त 2022 को उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवा दिया. हद तो तब हो गई जब 20 अगस्त 2022 को उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन भी जारी करवा दिया गया.
हनुमान राम ने बताया कि उनकी दो विवाहित बेटियां हैं, लेकिन जालसाजों ने फर्जी शपथ पत्र पेश कर यह बताया कि उनका कोई वारिस ही नहीं है. इसके बाद 16 अक्टूबर 2025 को पटवार मंडल पांचवा और ग्राम पंचायत प्रशासन की मिलीभगत से उनकी पुश्तैनी जमीन का नामांतरण (म्यूटेशन) नेमाराम के नाम कर दिया गया. पीड़ित का आरोप है कि अब सरकारी रिकॉर्ड से उनका नाम पूरी तरह हटा दिया गया है.
‘कागजी हत्या’ की डीएम को शिकायत
पीड़ित ने जिला कलेक्टर को बताया कि उनके जीवित होने के बावजूद फर्जी तरीके से उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना न केवल धोखाधड़ी है, बल्कि अपराधिक कृत्य भी है. उन्होंने जिला कलेक्टर से इस पूरे मामले की जांच करने और जमीन का फर्जी नामांतरण रद्द कर जमीन वापस उनके नाम करने तथा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. वहीं, जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं. ऐसे में अब देखना होगा कि प्रशासन इस ‘कागजी हत्या’ के खिलाफ क्या कदम उठाता है.
जिला कलेक्टर महेन्द्र खड़गावत ने कहा कि हनुमान राम के मृत्यु प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है, जबकि व्यक्ति जिंदा है. इस मामले में कहा कि गलती हुई है और किसने किया है ? इसे लेकर जांच के आदेश दिए हैं. मामले की जांच करने के लिए तहसीलदार को आदेश दिया गया है.








