अबतक इंडिया न्यूज 11 दिसंबर हनुमानगढ़ । हनुमानगढ़ के टिब्बी क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर भड़की आग अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रही. इसके राजनीतिक मायने भी तेजी से सामने आ रहे हैं. हिंसा के बाद अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है. आज सरकार की तरफ़ से दो वरिष्ठ मंत्रियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर ना सिर्फ घटना का ब्योरा दिया, बल्कि सीधे तौर पर कांग्रेस और माकपा पर माहौल बिगाड़ने का आरोप भी लगाया.
हनुमानगढ़ के टिब्बी क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर भड़की हिंसा के बाद पूरे मामले पर राजनीति तेज हो गई है. प्रदेश सरकार की ओर से मंत्री सुमित गोदारा और विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर न केवल घटना की जानकारी दी. बल्कि इसके पीछे कांग्रेस और माकपा नेताओं की भूमिका पर गंभीर आरोप भी लगाए. मंत्री सुमित गोदारा ने खुलासा किया कि एथेनॉल फैक्ट्री लगाने का फैसला कांग्रेस सरकार के दौरान ही हुआ था. ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड के साथ 2022 में एमओयू किया गया और 2023 में भूमि का औद्योगिक उपयोग के लिए संपरिवर्तन भी कांग्रेस शासन में ही कराया गया. उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि जिस परियोजना को कांग्रेस ने स्वयं आगे बढ़ाया, आज उसी पर राजनीति कर लोगों को उकसाया जा रहा है. कांग्रेस हमेशा किसान कल्याण के नाम पर झूठ फैलाती रही है जबकि असल में अपने शासन में किसानों का शोषण किया. उन्होंने कहा कि एथेनॉल फैक्ट्री लगने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों को लाभ मिलेगा. लोगों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि फैक्ट्री पानी का दोहन करेगी, जबकि इसका एमओयू कांग्रेस सरकार के समय ही हुआ था. गोदारा ने कहा जो भीड़ हिंसा में शामिल हुई, वह किसान नहीं थी बल्कि कांग्रेस और माकपा नेताओं के समर्थक थे. उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता के साथ स्थिति संभालने की कोशिश की, यहां तक कि फैक्ट्री प्रबंधन ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए काम रोकने की घोषणा भी कर दी थी. इसके बावजूद, विरोध की आड़ में भीड़ को भड़काया गया और हिंसा फैलाने की कोशिश की गई. प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि असामाजिक तत्व, जिनमें कई बाहरी लोग शामिल थे, हिंसा के दौरान सक्रिय रहे. पुलिस की समझाइश के बावजूद इन लोगों ने पत्थरबाजी की और ट्रैक्टरों से पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया. इस हमले में पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और 10 से अधिक वाहनों को आग लगा दी गई. राज्य सरकार ने दंगाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है और एफआईआर दर्ज की जा चुकी है.
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस की दोहरी नीति इस पूरे प्रकरण में साफ झलकती है. उन्होंने कहा कि जिस परियोजना को कांग्रेस ने खुद मंजूरी दी, आज उसके ही नेता किसानों को भड़का रहे हैं. किसान हित पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों से संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
#WATCH | Rajasthan | Visuals from Hanumangarh, where farmers clashed with police yesterday, during their protest against the construction of an ethanol factory at Tibbi in Rajasthan. Several vehicles have been torched. pic.twitter.com/LEZ08b4eF8
— ANI (@ANI) December 11, 2025
कैसे शुरू हुआ था विवाद?
तनाव की शुरुआत तब हुई जब दिन में किसानों की ‘एथेनॉल फैक्ट्री हटाओ संघर्ष समिति’ और प्रशासन के बीच बातचीत विफल हो गई. किसान फैक्ट्री का निर्माण तुरंत रोकने के लिए लिखित आश्वासन की मांग कर रहे थे, जिसे प्रशासन ने देने से इनकार कर दिया. इसके बाद, शाम करीब 4 बजे, प्रदर्शनकारी फैक्ट्री की ओर कूच कर गए.
17 तारीख को करेंगे कलेक्ट्रेट का घेराव
संघर्ष समिति के साथ राय कर संघर्ष समिति और अखिल भारतीय किसान सभा 17 तारीख तक कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे. मंगेज चौधरी ने कहा कि प्रशासन अभी भी हठधर्मिता कर रहा है समय रहते फैक्टरी के काम को रोक दें, नही तो हालात और बिगड़ेंगे ओर आंदोलन पूरे राजस्थान में फैलेगा. कल राजस्थान पुलिस ने ना केवल लाठीचार्ज बल्कि फायरिंग तक करने के प्रयास किये थे. गनीमत थी की हथियार जंग लगे हुए थे वरना सैकड़ों किसान को मौत के घाट उतार देते. 125 किसानों और किसान नेताओं पर जो जानलेवा हमले के झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं उनकी हम निदा करते हैं. साथ ही ये कहना चाहते हैं हनुमानगढ़ के किसान मुकदमों से नहीं डरते, अब लड़ाई को ओर तेज करेंगे.
पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी
किसानों ने ट्रैक्टरों का इस्तेमाल कर निर्माणाधीन फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल को गिरा दिया और परिसर में दाखिल हो गए. इसके बाद परिसर में पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी शुरू हो गई. गुस्साई भीड़ ने फैक्ट्री परिसर में खड़ी कम से कम 10 गाड़ियों में आग लगा दी, जिनमें एक जेसीबी मशीन, 7 कारें, दो मोटरसाइकिलें और एक सरकारी पुलिस जीप शामिल थी. कई निजी कारें भी जली हैं, जिनमें कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों की भी थीं.
पुलिस ने किया लाठीचार्ज, विधायक पूनिया घायल
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले दागे और फिर लाठीचार्ज किया. इस लाठीचार्ज में संगरिया से कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया घायल हो गए. पूनिया किसानों के समर्थन में महापंचायत में शामिल होने पहुंचे थे. उन्हें बाद में हनुमानगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.
इंटरनेट और बाजार बंद, स्कूलों में छुट्टी
उपद्रव के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए टिब्बी और आसपास के गांवों में शांति भंग होने की आशंका के चलते इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं, साथ ही स्कूल और दुकानें बंद रखने का आदेश भी दिया गया.
जिला कलेक्टर और एसपी का बयान
देर रात, जिला कलेक्टर खुशाल यादव ने बयान जारी करते हुए कहा कि किसानों की भावनाओं को देखते हुए ही महापंचायत की अनुमति दी गई थी, लेकिन महापंचायत के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने फैक्ट्री परिसर को निशाना बनाया और कानून को अपने हाथ में लिया, जिन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की.
उधर, हनुमानगढ़ के एसपी हरीशंकर ने बवाल की पुष्टि करते हुए बताया, ‘इथेनॉल प्लांट के खिलाफ महापंचायत हुई थी. कुछ लोगों ने फैक्ट्री की तरफ कूच कर तोड़फोड़ की. झड़प में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है.’ उन्होंने बवाल करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही.
#WATCH | Delhi | RLP President and MP Hanuman Beniwal says, “The ethanol factory being built in the Tibbi area of Hanumangarh has come to light as a partnership of a BJP minister from Rajasthan. Therefore, the government there wants it built forcibly, while the farmers there do… pic.twitter.com/KMawVXSvDb
— ANI (@ANI) December 11, 2025
राजनीतिक बयानबाजी तेज
हनुमानगढ़ में हुई इस घटना के बाद राजस्थान की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है.
- पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने पुलिस के बल प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए ट्वीट किया, ‘भाजपा सरकार को किसानों से इतनी नफरत क्यों है? किसानों की आवाज को कांग्रेस हमेशा निडरता से उठाती रहेगी.’
- पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने विधायक अभिमन्यु पूनिया के घायल होने पर चिंता जताते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और किसानों के अधिकारों की लड़ाई में साथ देने की बात कही.
- नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल के नेतृत्व वाली BJP सरकार पर ‘संवेदनहीन’ होने और आंदोलन को लाठी के दम पर कुचलने का प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार कॉरपोरेट के दबाव में काम कर रही है और विकास एवं पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की जिम्मेदारी से भाग रही है.
- घायल विधायक अभिमन्यु पूनिया ने अस्पताल से संदेश दिया कि वह सकुशल हैं और इसे किसानों के हक के खिलाफ ‘षडयंत्रपूर्ण हमला’ बताया. उन्होंने कहा कि धमकी से उनकी शांतिपूर्ण लड़ाई रुकेगी नहीं.
किसान क्यों कर रहे एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध?
यह विवाद ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड (चंडीगढ़ में पंजीकृत, 2020 में स्थापित) द्वारा लगाए जा रहे 40-मेगावाट के अनाज-आधारित एथेनॉल प्लांट को लेकर है. यह परियोजना भारत के एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम का हिस्सा है. ‘एथेनॉल फैक्ट्री हटाओ संघर्ष समिति’ से जुड़े किसानों की मुख्य चिंता ‘भूमि अधिग्रहण’ और ‘क्षेत्र के भूजल स्तर पर फैक्ट्री के संचालन का नकारात्मक असर’ होने को लेकर है. किसानों को डर है कि इस फैक्ट्री की वजह से पर्यावरण और स्थानीय आजीविका पर संभावित खतरा मंडराने लगेगा.
किसानों ने निर्माण रोकने का लिखित आदेश जारी न होने तक विरोध जारी रखने की घोषणा की है. वहीं, प्रशासन का कहना है कि वे संवाद के लिए तैयार हैं, लेकिन हिंसा और कानून हाथ में लेने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अगले कदम पर प्रशासन की ओर से जल्द ही आधिकारिक वक्तव्य जारी किया जा सकता है.








