Home » देश » आगामी 50-60 घंटे में एक बार फिर से चक्रवाती तूफान बनने की संभावना बढ़ी , 5 राज्यों में बारिश का येलो अलर्ट जारी

आगामी 50-60 घंटे में एक बार फिर से चक्रवाती तूफान बनने की संभावना बढ़ी , 5 राज्यों में बारिश का येलो अलर्ट जारी

अबतक इंडिया न्यूज 22 नवंबर वेदर । दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर से हलचल होने लगी है. एक बार फिर से साइक्लोन की चेतावनी जारी की जा रही है. बंगाल की खाड़ी में साइक्लोन सनयार की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि इस सीजन का दूसरा साइक्लोन आने वाला है. दरअसल, तामिलनाडु और अंडमान-निकोबार के बीच बंगाल की खाड़ी नें लो-प्रेशर एरिया बन रहा है, जिसके धीरे-धीरे साइक्लोनिक तूफान में बदलने का संभावना है.

दरअसल, मौसम विभाग के अनुसार अभी ये लो प्रेशर किसी तूफान का रूप नहीं लिया है. हालांकि, अभी सारी मौसमी परिस्थितियां इसे चक्रवाती तूफान बदलने की अनुकूल है. हालांकि, इसपर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा. सोमवार 24 नबंवर के बाद इसे चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है. इस तूफान का नाम सनयार रखा गया. इसका नामकरण संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने किया है, जिसका मतलब शेर होता है.

26 नवंबर से अलर्ट जारी

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में जल्द ही साइक्लोन सेन्यार बनने वाला है. मौसम मॉडल जैसे कि GFS, Ecmwf, Gefs, Icon समेत सभी इसका आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल दिखा रहे हैं. मौसम जानकार का कहना है कि नेगेटिव IOD (Indian Ocean Diapole) इफ़ेक्ट के कारण साइक्लोन बनने की संभावना बढ़ गई है. श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा, कोनासीमा, एलुरु, गुंटूर, पालनाडु, बापटला, प्रकाशम और नेल्लोर जैसे पूरे आंध्र जिले 26 नवंबर से अलर्ट पर होने चाहिए.

कब डेवलप होगा सनयार साइक्लोन

स्काईमेट वेदर के अनुसार, शनिवार 21 नवंबर देर रात या 22 नवंबर 2025 की सुबह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी (BoB) और उससे सटे दक्षिणी अंडमान सागर के ऊपर एक निम्न-दाब क्षेत्र बनने की संभावना है. यह सिस्टम पहले एक अवदाब में बदलने के लिए ताकत जुटाता रहेगा. फिर जल्दी ही बंगाल की खाड़ी (BoB) के दक्षिण-मध्य भागों में एक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा. मौसम विभाग के अनुसार, भीषण तूफान का रूप लेने के बाद ये पूर्वी तट की ओर बढ़ सकता है. इसकी वजह से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 27 और 29 नवंबर 2025 के बीच मूसलाधार बारिश की संभावना है. हालांकि, मौसम विभाग ने ये भी बताया कि 24 नवंबर 2025 के आसपास किसी भी समय इस सिस्टम के डिप डिप्रेशन में चरण में पहुंचने के बाद ही तूफान के बारे में सटीक जानकारी मिल पाएगी.

ओडिशा-बंगाल में नहीं होगा लैंडफॉल

बता दें कि अगल बंगाल की खाड़ी में ये तूफान डेवलप हो जाता है, तो मानसून के बाद के इस सीजन का दूसरा तूफान होगा. इससे पहले, अक्टूबर 2025 के अंत में आंध्र प्रदेश में भीषण चक्रवाती तूफान मोन्था आया था. बताते चलें कि उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसमी प्रणालियां इस सीजन के दौरान ओडिशा और पश्चिम बंगाल के आसपास तूफान का रिकॉर्ड रखती हैं. हालांकि, यह मौसमी प्रणाली भूमध्यरेखीय क्षेत्र के निकट बन रही है और इसलिए, इसके तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना बढ़ गई है.

 

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