- बिहार के नतीजे साफ कर रहे हैं कि जनता ने नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और उनके आक्रामक चुनावी अभियान पर एक बार फिर भरोसा जताया है. पीएम ने 13 रैलियां कीं और हर जगह माहौल NDA के पक्ष में बदलता गया. महागठबंधन की हालत ऐसी हो गई कि तेजेस्वी यादव जिन्हें सर्वे में ‘सबसे पसंदीदा CM चेहरा’ बताया जा रहा था, सीटों के आंकड़े में 35 भी पार नहीं कर सके. उनके गठबंधन को 243 में से महज 35 सीटें ही मिलती दिख रही हैं.
- भाजपा ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा और 95+ पर बढ़त हासिल की. पिछले लोकसभा चुनाव के झटके के बाद यह जीत पार्टी के लिए नई हवा लेकर आई है. जेडीयू को भी बड़ा फायदा मिला. 2020 की 43 सीटों वाली जेडीयू इस बार 80+ पर पहुंच गई. चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) ने 19 सीटों पर बढ़त बनाकर सभी को चौंका दिया. दूसरी ओर, राजद 140 सीटों पर लड़कर सिर्फ 26 पर सिमट गया. कांग्रेस 61 सीटों पर लड़कर केवल चार सीटों में संघर्ष कर रही है. महागठबंधन का पूरा संगठन बिखरा नजर आया.
- नीतीश कुमार पर विपक्ष ने 20 साल की सत्ता को लेकर सवाल उठाए, उनकी सेहत पर तंज कसे, लेकिन जनता ने इन तंजों को नकार दिया. नतीजे बता रहे हैं कि नीतीश का ‘सुशासन मॉडल’ और महिलाओं के प्रति उनकी नीतियां अब भी जनता के दिल में हैं. सच भी यही है. 2010 से बिहार में महिलाएं पुरुषों से ज्यादा मतदान कर रही हैं. इस बार महिला वोट 70% से ऊपर गया और यह सीधे NDA की झोली में गिरा. लड़कियों की साइकिल-योजना से लेकर पढ़ाई, स्वयं सहायता समूह, छात्रवृत्ति, आरक्षण और हाल में मिले 10 हजार रुपये तक, इन योजनाओं ने महिलाओं की आत्मनिर्भरता को तेज किया और नीतीश की लोकप्रियता को मजबूत.
- राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह ‘पंचकर्म इफेक्ट’ सीधे नतीजों में दिखा– सुशासन, महिला शक्ति, विकास, स्थिरता और डबल इंजन सिंक्रोनाइज़ेशन. दूसरी तरफ महागठबंधन का संगठन चुनाव तक बिखरा रहा. पहले चरण की आखिरी तारीख तक सीट बंटवारा भी तय नहीं हो सका. कुछ सीटों पर दो-दो उम्मीदवार लगे थे. जनता ने इसे नेतृत्व की कमजोरी के रूप में देखा.
- जेडीयू दफ्तर में चल रहे जश्न में एक पोस्टर सबसे ज्यादा वायरल रहा, ‘टाइगर अभी जिंदा है’. इससे साफ है कि नीतीश कुमार की ‘राजनीतिक फायरपावर’ आज भी कायम है. बीजेपी नेताओं ने कहा कि यह नतीजा जाति की राजनीति को खत्म कर बिहार को विकास के रास्ते पर आगे ले जाएगा. AIMIM, जो कई बार भाजपा की ‘बी-टीम’ कहलाती है, सिर्फ पांच सीटों पर आगे रही. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का खाता तक नहीं खुला.
PM मोदी का बंगाल को सीधा संदेश, ‘बिहार ने रास्ता खोल दिया, अब बंगाल से भी जंगलराज खत्म होगा’
दिल्ली में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक जीत ने सिर्फ राज्य की राजनीति नहीं बदली, बल्कि पूरे पूर्वी भारत में नया माहौल बना दिया है. मोदी ने कहा कि गंगा बिहार से होकर बंगाल जाती है और अब बिहार के इस अभूतपूर्व जनादेश ने बंगाल में बीजेपी की जीत का मार्ग भी साफ कर दिया है. उन्होंने पश्चिम बंगाल के लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भाजपा उनके साथ मिलकर वहां भी जंगलराज को उखाड़ फेंकेगी. मोदी के इस बयान को आगामी बंगाल चुनाव के लिए बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है, जिसमें बिहार की जीत को ‘मोमेंटम’ के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा.
‘मुस्लिम लीग माओवादी बन गई कांग्रेस’, RJD को सांप सूंघा, बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में NDA की ऐतिहासिक जीत के बाद विपक्ष पर तीखे वार किए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में गहरी नाराजगी है और उनकी नकारात्मक राजनीति को देखकर लगता है कि कांग्रेस का एक और विभाजन हो सकता है. राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का नेतृत्व दिशा खो चुका है. मोदी ने कहा कि बिहार में आज RJD को सांप सूंघा हुआ है. नतीजों ने ऐसा झटका दिया है कि उनके नेता आपस में सड़क पर झगड़ा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिहार ने NDA पर जो भरोसा जताया है, उससे हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है. प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में बिहार में बड़े स्तर पर विकास होगा. उद्योग लगेंगे, निवेश आएगा, पर्यटन को नई पहचान मिलेगी. उन्होंने देश और दुनिया के निवेशकों से साफ कहा – ‘बिहार आपका स्वागत करने को तैयार है.’ मोदी ने कहा कि यह बिहार में निवेश का सबसे अच्छा समय है और राज्य विकास की नई उड़ान भरने जा रहा है.
#BiharElections | Delhi: PM Narendra Modi says, “Bihar mein RJD ko saanp soongha hua hain’ and as I said during the Bihar elections, the conflict between the two parties will soon come to the fore.”
“Today’s victory is the beginning of a new journey. The trust Bihar has placed… pic.twitter.com/UbsDimzceQ
— ANI (@ANI) November 14, 2025
बिहार में NDA की सुनामी पर नेताओं का धमाकेदार रिएक्शन ‘जातिवाद हारा, विकास जीता…
बिहार में NDA की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी नेताओं और सांसदों ने इसे विकास, सुशासन और मोदी-नीतीश मॉडल की बड़ी जीत बताया है. केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि बिहार की जनता ने इस बार जातिवाद को पूरी तरह नकार दिया और विकासवाद पर मुहर लगाई. उनके अनुसार मोदी और नीतीश के नेतृत्व में अब बिहार विकास की तेज रफ्तार पकड़ेगा.
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने भी तीखा बयान देते हुए कहा कि बिहार की सुनामी के बाद अब 2026 में बंगाल का जंगलराज भी खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि आज की जीत के बाद ममता बनर्जी को रात में नींद नहीं आएगी.
सांसद बांसुरी स्वराज ने जनादेश को जनता का विश्वास बताया और कहा कि लोगों ने राजद और कांग्रेस की झूठ की राजनीति को सिरे से खारिज कर दिया है. वहीं मनोज तिवारी ने कहा कि बिहार ने प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार को ऐतिहासिक जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने कहा कि पीएम ने साफ संदेश दिया है कि ‘आज से ही बिहार में निवेश शुरू कर दीजिए’, और इसी से भविष्य का रोडमैप नजर आता है.
भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने इस जीत को जंगलराज पर विकसित बिहार की जीत बताया. उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत ने इस चुनाव को NDA के पक्ष में मोड़ दिया.
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रचंड बहुमत जनता के विकास पर भरोसे की मिसाल है. उनका कहना है कि बिहार अब विकसित भारत का विकास इंजन बनेगा और बीजेपी हर राज्य में इस विजन के साथ आगे बढ़ेगी.
भाजपा सांसद कमलजीत सेहरावत ने भी कहा कि बिहार की जीत विश्वास और विकास की जीत है. जनता ने NDA सरकार के काम का सम्मान किया है और इस जनादेश से स्पष्ट है कि लोग विकास में अपनी हिस्सेदारी चाहते हैं.
पप्पू यादव का सवाल, ‘क्या 20 हजार करोड़ में वोट खरीदे जा सकते हैं? NDA की जीत पर कड़ा हमला’
पटना में NDA की भारी जीत पर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वे बिहार की जनता के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन कई गंभीर सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. पप्पू यादव ने पूछा कि क्या 20 हजार करोड़ रुपये में बिहार का वोट खरीदा जा सकता है और क्या यह जनादेश सच में जनता की मर्जी को दर्शाता है.
#WATCH Patna, Bihar: On NDA winning Bihar elections, Independent MP from Purnea, Pappu Yadav says, “I respect the decision of the people of Bihar… Will the issue of employment remain now?… Was this the mandate of the people?… This was the responsibility of all of us…… pic.twitter.com/pBKPzsS2TR
— ANI (@ANI) November 14, 2025
उन्होंने कहा कि बिहार में असली मुद्दे रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के थे, लेकिन क्या अब ये मुद्दे बचे भी हैं या सब कुछ चुनावी शोर में दब गया. पप्पू यादव ने यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार की विचारधारा का भाजपा से कोई मेल नहीं है और दोनों की साझेदारी बिहार के भविष्य पर सवाल उठाती है.











