अबतक इंडिया न्यूज बीकानेर, 7 नवम्बर। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर वंदे मातरम@150 कार्यक्रमों की शुरुआत शुक्रवार को प्रभात फेरी से हुई। भारत माता की जयघोष और वन्दे मातरम के नारों के बीच संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, महानिरीक्षक पुलिस हेमंत शर्मा, जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि और पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सागर ने जूनागढ़ के आगे से हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया।
24 जनवरी 1950 को, भारत की संविधान सभा ने वंदे मातरम को गणराज्य के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया। भारत के राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि इस गीत को भारत के राष्ट्रगान, जन गण मन के बराबर सम्मान दिया जाना चाहिए।
प्रभात फेरी में सबसे आगे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय साइकिल धावक मानव सारड़ा रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे रोबिलों ने भी इसमें भागीदारी निभाई। इसके बाद पुलिस के जवानों, एनएसएस, एनसीसी और स्काउट गाइड के प्रतिनिधि, शिक्षक, विद्यार्थी और आमजन का कारवां यहां से रवाना होकर शहीद स्मारक पहुंचा, जहां शहीदों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का सम्मान किया गया।
“वंदे मातरम” बंगाली लेखक बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखा गया था। यह उनके उपन्यास आनंदमठ में शामिल था, जो 1882 में प्रकाशित हुआ था।संस्कृत में रचित गीत वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत था।
प्रभात फेरी के सभी प्रतिभागी यहां से रवींद्र रंगमंच पहुंचे। महिला अधिकारिता विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर रंगोलियां सजाई गई। कार्यक्रम में बीकानेर विकास प्राधिकरण आयुक्त श्रीमती अपर्णा गुप्ता, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) सुरेश कुमार यादव, अतिरिक्त कलेक्टर (नगर) रमेश देव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पंवार, जिला शिक्षा अधिकारी किशन दान चारण, महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक डॉ अनुराधा सक्सेना, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक सुभाष बिश्नोई, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक बीरमाराम, सीओ स्काउट जसवंत राजपुरोहित सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।











