अबतक इंडिया न्यूज 3 नवंबर देशनोक । श्री जैन जवाहर मंडल देशनोक में आचार्य भगवन 1008 श्री राम लाल जी म.सा., बहुश्रुत उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म.सा. के सानिध्य में सोमवार को 16 मुमुक्षु भाई बहनो की दीक्षा सानन्द सम्पन्न हुई। पूर्व में 15 दीक्षाएं घोषित थी। सोमवार को श्रीमति समता जी बांठिया- चेन्नई ने बिना कोई आरंभ सारंभ किए गुप्त रूप से साध्वी के वेश में आचार्य भगवान के समोसरण में पधार कर संयम शातम् में अपना नाम दर्ज किया । जैसे ही हजारो की भीड़ में मुमुक्षु आत्माए प्रवचन पंडाल में पहुँचे चारों तरफ़ “जय जयकार जय जयकार – राम गुरु की जय जयकार”, “राम गुरु विराठ हैं-दीक्षाओ के ठाठ हैं” जैसे गगनचुंबी नारो से सारा वातावरण संयम मय हो गया। देशनोक में इस राम जन्मभूमि चातुर्मास में आजतक 31 दीक्षाएं सम्पन्न हो चुकी हैं और संयम शतम् की 96 दीक्षाएं पूर्ण हो गई हैं। आगामी 11 नवंबर 2025 को 4 और दीक्षाएं देशनोक में होनी संभावित हैं इसी के साथ देशनोक में संयम शतम् की 100 दीक्षाएं पूर्ण हो जाएगी ।

सोमवार को दीक्षित होने वाली आत्माए अब से अपने नामकरण के साथ जिन शासन की भव्य प्रभावना करेंगे जो इस प्रकार हैं :
1. श्री दिलीप जी कोटड़िया – नवदीक्षित श्री रामदर्श मुनि जी म.सा.
2. श्री प्रवीण जी दक – नवदीक्षित श्री रामपूर्ण मुनि जी म.सा.
3. श्री विवेक जी गुलेच्छा – नवदीक्षित श्री रामवत्स मुनि जी म.सा.
4. श्री पुलकित जी सुखानी – नवदीक्षित श्री रामपुलक मुनि जी म.सा.
5. श्रीमति समता जी बांठिया – नवदीक्षिता श्री रामसौम्य श्री जी म.सा.
6. श्रीमति प्रीति जी दक – नवदीक्षिता श्री रामप्रज्ञा श्री जी म.सा.
7. सुश्री मेघा जी डोसी -नवदीक्षिता श्री राममेघ श्री जी म.सा.

8. सुश्री भावना जी छाजेड़ – नवदीक्षिता श्री रामभक्ति श्री जी म.सा.
9. सुश्री सोनल जी भलघट – नवदीक्षिता श्री रामसुवर्ण श्री जी म.सा.
10. सुश्री जया जी सुराणा – नवदीक्षिता श्री रामजयन्ती श्री जी म.सा.
11. सुश्री अपेक्षा जी सुराणा – नवदीक्षिता श्री रामआस्था श्री जी म.सा.
12. सुश्री तरुणा जी दूगड़ – नवदीक्षिता श्री रामतरु श्री जी म.सा.
13. सुश्री ज्योति जी बोथरा – नवदीक्षिता श्री रामजयणा श्री जी म.सा.
14. सुश्री रिया जी सुरना – नवदीक्षिता श्री रामरचना श्री जी म.सा.
15. सुश्री अनुष्का जी भूरा – नवदीक्षिता श्री रामाभा श्री जी म.सा.
16. सुश्री ताश्वी जी दक – नवदीक्षिता श्री रामतीर्था श्री जी म.सा.








