अबतक इंडिया न्यूज 22 अक्टूबर । राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव दिलचस्प होता जा रहा है. नामांकन के आखिरी दिन बीजेपी के पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल ने पर्चा दाखिल किया है. रामपाल के मैदान में उतरने से बीजेपी और कांग्रेस को अंता उपचुनाव में कड़ी चुनौती मिलने वाली है. पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल बीजेपी से बागी होकर उपचुनाव के मैदान में उतरे हैं. उनके समर्थकों ने आतिशबाजी करके चुनावी समर का ऐलान किया है.
2013 में रामपाल ने दर्ज की थी जीत
माना जा रहा है कि रामपाल मेघवाल कांग्रेस के परंपरागत वोटों में सेंधमारी कर सकते हैं. साथ ही उनके मैदान में उतरने से भाजपा को भी बड़ा नुकसान होने की संभावना है. रामपाल मेघवाल ने 2013 में बारां की अटरू सीट से लगभग 20 हजार मतों से जीत दर्ज की थी. पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल ने कहा कि मैं जिले में सबसे अधिक मतों से जीता था, लेकिन भाजपा ने मेरी अनदेखी की है और ना ही उसके बाद टिकिट दिया है.
मैं अपने विवेक से स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ूंगा और दलित शोषित प्रताड़ित लोगों की पीड़ा को दूर करूंगा. रामपाल ने आगे कहा कि दलित को उत्साहित करना है ओर सदा आमजन के लिए खड़ा रहूंगा और मतदाताओ से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्याशी को पहचान कर मतदान करें.
बीजेपी से मोरपाल लड़ रहे हैं चुनाव
बता दें कि अंता उपचुनाव में इस बार बीजेपी से भाजपा प्रत्याशी मोरपाल ने नामांकन दाखिल किया है. वहीं, कांग्रेस के टिकट पर प्रमोद जैन भाया उपचुनाव लड़ रहे हैं. प्रमोद जैन भाय की पत्नी उर्मिला जैन ने भी कांग्रेस के वैकल्पिक प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है. इसके अलावा एसडीएम के साथ थप्पड़कांड से सुर्खियों में आए नरेश मीणा भी चुनाव लड़ रहे हैं.











