अबतक इंडिया न्यूज देशनोक 16 अक्टूबर । कस्बे के वार्ड नंबर 6 स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सामने स्थित प्राचीन श्री हरीराम जी बाबा मंदिर की परिक्रमा दीवार तोड़ने और कब्जा करने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस थाना देशनोक में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि स्थानीय रसूखदारों एवं भाजपा से जुड़े नेताओं ने एक केंद्रीय मंत्री से नजदीकियों की धौंस दिखाते हुए मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की और विरोध करने पर जान से मारने व टांगें तोड़ने की धमकियां दीं।एक ओर जहां भाजपा की केन्द्रीय सरकार देशभर में प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार कर विकास कार्य करवा रही वहीं देशनोक में एक स्थानीय भाजपा नेता पर प्राचीन मंदिर की दीवार तोड़कर कब्जा करने का आरोप लगना शर्मनाक ही नहीं निंदनीय हैं ।
तीन पीढ़ियों से पूजा-अर्चना कर रहा परिवार
थानाधिकारी को दी गई शिकायत में वार्ड 7 निवासी गोपाल जोशी पुत्र स्व. श्री विजयशंकर जोशी ने बताया कि वार्ड नंबर 6 स्थित श्री हरीराम जी बाबा का मंदिर उनका पुश्तैनी मंदिर है, जहां उनकी तीन पीढ़ियाँ नियमित रूप से पूजा-अर्चना एवं देखभाल करती आ रही हैं।

निर्माण की आड़ में दीवार तोड़ने और कब्जे का प्रयास
शिकायतकर्ता के अनुसार, हाल ही में मंदिर के पास स्थित खत्री-मोदी बगीची में निर्माण कार्य की आड़ में असामाजिक तत्वों ने मंदिर की परिक्रमा की दीवार को जबरन तोड़ दिया। जब पीड़ितों ने दीवार तोड़े जाने का विरोध (‘ओलमा’) किया, तो भाजपा जिला कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य भवानी शंकर खत्री पुत्र लक्ष्मी नारायण खत्री, रिधेश खत्री, मनीष मोदी, विजय कुमार खत्री एवं उनके अन्य 3-4 साथियों ने सत्ता व केन्द्रीय मंत्री से निकटता की ऊँची पहुँच का रौब झाड़ते हुए उन्हें धमकाया।
गाली-गलौज, टांगें तोड़ने की धमकी और काम में बाधा
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने कहा, “ज्यादा चूँ-चपड़ की तो मंदिर छीन लेंगे और टांगें तोड़ देंगे।” इसके बाद जब मंदिर परिसर की सुरक्षा हेतु बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) का निर्माण करवाने का प्रयास किया गया, तो आरोपी बार-बार निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं और जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं।
पुलिस से कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार

पीड़ित गोपाल जोशी ने देशनोक थानाधिकारी से मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर उचित कानूनी कार्रवाई करने और मंदिर सुरक्षा हेतु राहत पहुँचाने की मांग की है। पुलिस को शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जाँच एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई गई है।












